चित्रा और मैं-5

उठ खड़े होकर सबसे पहले तो घर के दरवाज़े अच्छी तरह बंद किये, जिससे कोई भी बिना बैल बजाये अंदर ना आ जाए। और फिर सभी खिड़की के परदे सरकाए, क्योंकि हम दोनों का कपड़े पहनने का मूड ही नहीं था। उसके बाद फ्रिज में देखा तो खाने के नाम पर केवल अंडे और काफी सारी ब्रेड थी।

चित्रा ने 2-2 अंडे के दो ऑमलेट बना दिए और उसने 4 और मैंने 6 स्लाइस खा कर गरम दूध में कॉफ़ी मिला कर पी लिया। अच्छी एनर्जी भी आ गयी, और कॉफ़ी पीने से चुस्ती भी। फिर बातें करने की सोची तो चित्रा ने मुझसे पूछा कि मैंने क्या कभी किसी औरत या एडल्ट लड़की को आज से पहले नंगा देखा था?

मैं बोला “सिर्फ थोड़ी ताक-झाँक करके ही देखा है और वो भी सिर्फ एक को, लेकिन कई बार।” चित्रा भी कोई सीधी-सादी बेवक़ूफ़ तो थी नहीं, तो बोली “समझ गयी, अपनी मम्मी और मेरी चाची को को झाँक कर देखते हो जब वो नहाते होते हैं। अव्वल किस्म के बदमाश हो तुम तो, एक्चुअली हम दोनों ही, क्योंकि ताक-झाँक करने के मौके तो मैं भी छोड़ती नहीं हूँ।

आगे नहीं पूछूँगी। मैंने तो कई लड़कियां नंगी देखी हैं, बताऊँ कौन-कौन?” “ऑफ़ कोर्स मुझे पता करना है वो वो कौन थीं और तुमने कब और कैसे देखा?” मैं बोला। चित्रा ने कहा कि वोह बताएगी लेकिन पहले जानना चाहती है कि मैंने किसी को ख्यालों में नंगा देखा है या नंगा देखने बहुत ज़ोर की मर्ज़ी हुई है?