रजनी की चुदाई उसीकी जुबानी-15 – करनाल के जलवे

करनाल – दूसरा दिन

खेत और डेयरी घूम कर हम वापस आ गए। दीपक हमे छोड़ कर वापस खेतों में चला गया। “अब दीपक और संतोष शाम को ही आने वाले थे”।

सरोज ने सारा काम निबटा दिया था। रात के खाने के बाद चुदाई ही होनी थी।

मैंने सरोज से पूछा, “सरोज आज का कैसा प्रोग्राम बना है ” ?