शीला की जवानी- 5

शीला के मुझे बार-बार भैया बोलने से मेरी हंसी छूट रही थी। जब मैंने उसे भैया बोलने से मना किया, तो शीला ने अपनी आदत के मुताबिक ही जवाब भी दिया।

शीला फिर बोली,”अरे तो क्या हुआ जीत भैया? लोग अपने पालतू डॉगी – कुत्ते – का नाम टाइगर रखते हैं, तो क्या वो शेर बन जाता है?”

और फिर अपनी बात जारी रखते हुए बोली,”वो तीस नंबर वाली ढिल्लों आंटी है ना, उन्होंने अपने बेटे का नाम टायसन रखा हुआ है – वो मुक्के वाली कुश्ती वाला टायसन। नाम टायसन है और गली की सारे लड़कों से पिटता है। हमेशा रोता रहता है और शिकायतें लगाता रहता है। बड़ा आया अपनी मां का टायसन।”

मेरी हंसी छूट गयी। शीला से बहस में नहीं जीता जा सकता। मैंने भी कह दिया, “ठीक है, तुझे जैसे बुलाना है वैसे बुला।”

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