खेल-खेल में बेटी को चोदा-5

पिछला भाग पढ़े:- खेल-खेल में बेटी को चोदा-4

मेरी पत्नी किसी दूसरे रुम में अपने से आधे उम्र के आदमी के साथ मस्ती मार रही थी, और मैं अपनी बेटी के बेड पर एक साथ उसे और उसकी सबसे खास सहेली के साथ मस्ती मार रहा था। नम्रता को एक बार चोद लिया था। अपनी सहेली की चूत से निकले लंड को किरण बहुत ही प्यार से चुभलाते हुए चूस रही थी। मैं अपनी बेटी की नंगी जवानी को सहलाते हुए अपनी और संध्या की दोस्ती की कहानी सुना रहा था।

“मैं इंजीनियरिंग के थर्ड ईयर में था। संध्या की शादी के क़रीब 4 साल बाद वो मुझे एक दुकान में मिल गई। और जैसा रोड पर कुत्ता और कुतिया चूदाई शुरू कर देते हैं, हम दोनों भी दूकान में ही एक दूसरे से चिपक कर चुम्मा-चाटी करने लगे। उसने मुझसे अपने घर चलने की ज़िद की। मैं उसके घर गया और 5 मिनट के अंदर हम चुदाई करने लगे। लंबी चुदाई हुई।

चुदाई के समय मैंने उससे कहा कि अपने पति को तलाक देदे, और मुझसे शादी कर ले। मैं होस्टल वापस आना चाहता था, लेकिन उसने रोक लिया। कुछ देर बाद उसका पति विमल घर आया। मैं उसे पहली बार ही देख रहा था। विमल एक हैंडसम आदमी था। संध्या ने हमारा परिचय करवाया और यह भी कहा कि वो विमल को छोड़ कर मुझसे शादी करेगी।”