मां बेटे की चुदाई – एक मनोचिकित्सक की ज़ुबानी-15

पिछला भाग पढ़े:- मां बेटे की चुदाई – एक मनोचिकित्सक की ज़ुबानी-14

नसरीन जा चुकी थी। अगले दिन असलम मालिनी अवस्थी के क्लिनिक में आ गया। ढाई इंच गोलाई और सात इंच लम्बाई वाले लंड वाला असलम देखने में भी एक-दम मस्त था। असलम को देखते ही मालिनी की चूत में झुरझुरी और गांड में झनझनाहट होने लगी।

असलम कुर्सी पर बैठ गया। जब वो सहज हो गया तो मैंने, यानि मालिनी अवस्थी ने बात शुरू की।

“असलम तुम्हें पता ही होगा, कल मैं तुम्हारी अम्मी से बात कर चुकी हूं। तुम्हारी अम्मी मुझे सब कुछ – मतलब अपनी और तुम्हारी हर छोटी बड़ी बात बता चुकी है। मैंने तुम्हारी अम्मी की हर बात रिकार्ड की है और मैं तुम्हारी बातें भी रिकार्ड करूंगी। ये हमारा मनोचिकित्स्कों के काम करने का तरीका है।”

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