अजब गांडू की गजब कहानी-13

पिछला भाग पढ़े:- अजब गांडू की गजब कहानी-12

पिछले भाग में आपने पढ़ा कैसे मनोचिकित्स्क डाक्टर मालिनी अवस्थी ने बातों-बातों में सुभद्रा और चित्रा को समझा दिया कि जब तक युग चित्रा की चुदाई करने लायक नहीं हो जाता, तब तक चित्रा के पास चुदाई का मजा लेने का एक ही आसान और ठीक रास्ता है, और वो है युग के पापा देस राज त्रिपाठी से चुदाई।

चित्रा बता रही थी, “मनोचिकित्स्क मालिनी अवस्थी के साथ बात खत्म हो चुकी थी, अब फैसला हम लोगों को करना था। सुभद्रा चाची ने कुछ देर सोचा और टेप डाक्टर मालिनी को नष्ट करने के लिए वापस दे दी। इसका मतलब था मतलब चाची कोइ फैसला ले चुकी थी।”

अब आगे की कहानी पढ़िए इस भाग में।

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