चित्रा और मैं-9

पिछला भाग पढ़े:- चित्रा और मैं-8

फिर दीदी ने बताया कि जब लड़कियों का एक साथ नहाने का नंबर आता तो वह सब मिल कर ताऊजी से मिन्नतें करती कि लड़कों को अंदर ना झांकने दें, लेकिन ताऊजी भी मुस्कुरा भर देते और लड़कों को कुछ भी ना कहते।

उन्होंने बताया कि वह तो चारों लड़कियों में सबसे बदमाश थी, और बाथरूम में जाते ही सबसे पहले वह लड़कों की तरफ मुड़ कर एक पांव बाल्टी पर रख कर और टांगें चौड़ी कर के अच्छी तरह मूत लेती और फिर नहाना शुरू करती थी और लड़के लोग ताली बजाते थे। दीदी ने बताया कि उन्हें तो सबसे अच्छा वही लड़का लगता था जिसकी नुन्नी उसे ठन्डे पानी पड़ने के बाद छू कर बहार निकालनी पड़ती थी।

यह सब सुनाते-सुनाते में देख रहा था कि दीदी और चित्रा दोनों की चूचियां उनके ब्लाउज में से उभरी हुई दिखने लगी थी, और मेरी पैंट में तम्बू बनने से रोकने के लिए मैं लौड़े को जोर से पकडे हुए था।

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