बिन बच्चे की औरत को बच्चे का सुख दिया-2

तक़रीबन एक महीने तक ऐसा टाइम मिला नहीं कि हम दोनों की बात हो सके। मेरे ऑफिस का काम बहुत था, और तक़रीबन मार्च 2022 को उसने मेसेज किया था-

मधु: क्या हम 25 को मिल सकते हैं नोएडा में?

मेसेज पढ़ कर मैं एक दम ख़ुशी से झूमने लगा, और मिलने के सपने संजोने लगा। मैंने रात को जवाब दिया-

मैं: हाँ मिल सकते हैं सुबह 11 बजे। लेकिन मिलना कहाँ है?

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