एक बेटी की दास्तां-1

हेलो दोस्तों, आज की इस मां की चुदाई कहानी में मैं आपको एक घटना बताने जा रहा हूं, जो शुरू मेरी एक फ्रेंड के साथ हुई। उसने अपने जीवन का एक बहुत ही गंदा सच मुझे बताया, जो आज तक उसने किसी से शेयर नहीं किया था। लेकिन उस घटना के परिणामों में मैं भी शामिल हुआ। मैं आज उसी की इजाजत से ये बात आप सब सामने रख रहा हूं। इस कहानी में पात्रों के नाम मैंने बदल दिए है। आपका ज्यादा समय व्यर्थ ना करते हुए मैं कहानी पर आता हूं।

मेरी एक फ्रेंड है निधि। हम दोनों स्कूल से साथ पढ़ रहे थे। स्कूल के बाद हम दोनों वैसे ज्यादा मिलते नहीं थे। बस मैसेज में या कभी कभार कॉल पर बात हो जाती थी (फिलहाल के लिए निधि का इतना परिचय ही पर्याप्त है। समय आने पर उसका भी परिचय मिलेगा)। वो मुझसे नॉर्मली सभी बातें शेयर करती थी, लेकिन हमनें कभी भी एक-दूसरे से गलत बात नहीं की। हमेशा अच्छे से ही रहते थे। लेकिन एक दिन उसका कॉल आया। मैंने कॉल रिसीव किया। वो कुछ बोले बगैर ही जोर-जोर से रोने लगी। मैंने पूछा-

मैं: अरे निधि, क्या हो गया तुम्हें? रो क्यों रही हो? सब कुछ ठीक तो है ना?

मगर वो बस रोए जा रही थी। कुछ बोल ही नहीं रही थी।