घरेलू काम वालियों की चुदाई-2

पिछला भाग: घरेलू काम वालियों की चुदाई-1

कुसुम के चूतड़ दबाने पर भी जब कुसुम चुप रही तो मैं ये तो समझ ही गया कि वो चुदाई के लिए तैयार है। मेरा लंड कुलबुला रहा था।

जाली वाला दरवाजा बंद करके मैं कमरे में पहुंचा। कुसुम बेड पर बैठी हुए थी। बेड पर बैठने का मतलब ही ये था की चुदाई करवाने का मन बना कर ही आयी हैं।

मैं जा कर कुसुम के सामने खड़ा हो गया। मैंने पायजामा ही डाला हुआ था। पायजामें में लंड का उभार साफ़ दिखाई दे रहा था।