रजनी की चुदाई उसी की जुबानी-21 – दास्ताने करनाल

करनाल के चौथे दिन की रात

सरोज ही बोली,थी” तीन तीन नंगी फुद्दियों और सख्त चूतड़ों को देख अगर दीपक का लंड खड़ा हो गया और दीपक ने चुदाई की इच्छा जताई तो चुदाई करवा लेंगीं – करवानी ही चाहिए। ऐसी सूरत में चुदाई से मना करना खुदगर्ज़ी होगी। हां अपनी तरफ से हम उसे चोदने के लिए नहीं कहेंगी,

बिलकुल वही हुआ जिसका अंदेशा था। दीपक आ गया नंगा, खड़े लौड़े के साथ।

आते ही पूछा, “क्या ? आज चुदाई की छुट्टी है “?

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