रजनी कि चुदाई उसीकी जुबानी-11 – हम करनाल में

करनाल में पहला दिन

उस रात की पंकज और कुणाल के साथ ताबड़तोड़ चुदाई के बाद चूत, गांड और आत्मा, तीनो की तृप्ती चुकी थी। अब पढ़ाई की ओर ध्यान लगाने का समय था। कभी भी करनाल से सरोज का फोन आ सकता था की रजनी के माता पिता रामेश्वरम के लिए रवाना हो चुके हैं। फिर होगी चूत गांड की सिकाई चुदाई वो भी आठ दस दिन लगातार।

बीस दिनों के इंतज़ार के बाद आखिर सरोज का फोन आ गया। एक हफ्ते बाद रजनी के माँ, बाबू जी रामेश्वरम जाने वाले थे।

मैंने और रजनी ने इन बीस दिनों में एक बार भी चुदाई नहीं करवाई थी – ना ही अगले आठ दस दिन दिन तक चुदाई का प्रोग्राम था।

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