पिछला भाग पढ़े:- स्कूल मैडम की जवानी-5
दोस्तों जैसा कि मैंने मेरी पहली सेक्स कहानियों में बताया है। मैंने एकता मैडम जो मेरे बेटे की क्लास टीचर है, उसको और उसकी मुंबई से आई दोस्त साक्षी को चोद कर प्रेगनेंट किया, और उसकी ही एक कुंवारी सहेली निधि को उसी के घर पर चोदा।
आज मैं आपको एकता की दोस्त निधि और उसकी दो और सहेलियों मीनू और सुमन को कैसे एक साथ चोदा, बता रहा हूं।
उस दिन संडे का दिन था। मैं और रिया (मेरी बीवी) घर का सामान लेने सुपर स्टोर गए। वहां से सामान लेकर हम बाहर आए, तो सामने एकता, निधि और उनके साथ दो लेडीज और दिखाई दी। सभी ने हमें नमस्ते किया और बातें करने लगी।
एकता बोली: दीदी ये निधि है। इसे आप जानते हो।
दूसरी जो कुंवारी लड़की थी उसका नाम मीनू था, जो स्कूल के रिसेप्शन पर काम करती थी। उसे हमनें स्कूल सिर्फ देखा था, कभी बात नहीं हुई। एक और मैडम जिनका नाम सुमन था, वो करीब 32 साल की थी। वो उनके स्कूल में फिजिक्स की टीचर थी।
रिया बोली: एकता आज आप सभी कहां घूम रही है?
वो बोली: दीदी कुछ सामान इन सब को और कुछ मुझे भी लेना था, तो उसी के लिये मार्केट आ गए।
रिया बोली: तुम्हें कुछ लेना था तो हमें बता देती, हम ले आते। इस कंडीशन में तुम कहा घूम रही हो? ये ठीक नहीं है।
वो बोली: ठीक है दीदी, आगे से बोलूंगी।
फिर एकता बोली: सर मेरी फ्रेंड्स यहीं सामने वाली रोड पर एक मकान में रहती है। इनका मकान मालिक इन्हे एडवांस के लिए तंग कर रहा है, जबकि इन्होंने उसे एडवांस दो किश्त में देने के लिए बोला था। लेकिन अभी वो मान नहीं रहा, और पूरा एक साथ लेने बोल रहा है। अब ये लोग वहां शिफ्ट कर चुके है। आप मकान मालिक से मिल कर इनकी कुछ हेल्प कर सकते हैं क्या?
मैं बोला: एक बार मिल लेते है, तभी पता चलेगा, कि ऐसा क्यों कर रहा है?
मैं निधि को बोला: मैडम आप उसे बुला लीजिए।
उसने उसे फोन किया: सुरेश जी, आप घर पर आ जाइए, आप से मिलना है।
एकता बोली: सर मैं दीदी के साथ घर चली जाती हूं। आप इनका मामला खत्म करके आइए।
एकता बड़ी शातिर अंदाज में मुझे देख रही थी, कि आज तीन हसीनाओं के साथ मुझे भेज रही थी। मैंने कैब बुक की रिया और एकता के लिए, और उन्हें भेज दिया।
मैं बोला: मैडम आप लोगों को सामान लेना था?
तो निधि बोली: वो हम बाद में ले लेंगे। आप पहले मकान मालिक से मिल लीजिए।
उधर मीनू और सुमन के मुंह में पानी आ रहा था मुझे देख कर, क्योंकि जैसे मैंने आपको बताया मैं एक-दम हट्टा-कट्टा नौजवान हूं। और उस दिन तो मैंने काली जींस और टीशर्ट एक-दम टाइट वाली डाल रखी थी। उपर से चशमा लगा रखा था। एक-दम अक्षय कुमार जैसे लग रहा था। मैंने अपनी कार निकाली, निधि मेरे साथ वाली सीट पर, और मीनू और सुमन पीछे सीट पर बैठ गई।
उनके देखने के अंदाज से लग रहा था तीनों अभी मुझे खा जाएंगी। कार में बैठते ही बोली: क्या अरुण, आज पूरे शहर की लड़कियों को मारने का इरादा है क्या?
मैंने कार पार्किंग से निकाली, और उनके घर की तरफ निकल गए। हम उनके घर के बाहर बैठे तो सुरेश अपनी कार में ही बैठा था। मैंने देखा उनकी कार पर हमारे ऑफिस का स्टीकर लगा था। वो तीनों उतर गई, और उसकी कार की तरफ चली गई। मैं थोड़ा साइड में गाड़ी पार्क करके आया, तो सुरेश की बैक मेरी तरफ थी। मैंने वहा पहुंच कर सुरेश के कंधे पर हाथ रख कर बोला-
मैं: और सुरेश, कैसे हो?
वो पलटा और बोला: अरे सर आप, गुड मॉर्निंग।
सुरेश मेरी ही ऑफिस टीम का जूनियर था।
वो बोला: सर आप यहां?
मैं बोला: यार मैंने सुना है तुम मेरे फ्रेंड्स को परेशान कर रहे हो?
वो बोला: सर ये सब आपके फ्रेंड्स है? मुझे नहीं पता। वो तो ये लोगों ने जैसे बोला था मैं मान गया था, लेकिन पापा नहीं मान रहे। बोल रहे है पूरा एडवांस एक साथ ही चाहिए। तो मैंने इन लोगो को बोला।
सुरेश ने अपने पापा को आवाज दी जो कार में ही थे। महेश जी जो सुरेश के पापा थे बाहर आए, और मुझे नमस्ते करके बोले: सर आप यहां कहा घूम रहे है?
तो सुरेश बोला: पापा ये लोग सर के जानने वाले है।
महेश जी से मैं कई बार मिल चुका हूं, तो वो मुझे पहचानते है। मैं कुछ बोलता तो पहले ही महेश जी निधि को बोल पड़े: और बेटा, आप जब मर्जी आए दे देना, या नहीं देना, आपका ही घर है। आप अरुण जी के दोस्त हो। इनके बहुत एहसान है हम पर (दरअसल सुरेश की नौकरी में और उसके प्रमोशन में मैंने ही काफी मदद की थी)।
और वो लोग चले गए। उन तीनों के चेहरे खिल उठे, कि बिना कुछ बोले ही उनका काम हो गया था। मैं फिर चलने लगा। तभी निधि ने मेरा हाथ पकड़ लिया, और बोली-
निधि: आप हमारे साथ आए। हमारा इतना बड़ा टेंशन का काम फिनिश कर दिया है, तो आपकी कुछ सेवा तो हमारी तरफ से भी बनती है।
मैं उनके घर पर चला गया वो 2 bhk फ्लैट था। फुली फर्निश। निधि मुझे पकड़ कर सीधा अपने बेडरूम में ले गई, और अपना दुप्पटा साइड में डाल कर मेरा हाथ पकड़ कर अपने बूब्स पर रख दिया। मैंने उसके बूब्स को दबा दिया। उसने मेरे होंठों पर अपने होंठ रख दिए, और चूसने लगी। हम दोनों खड़े हुए ही ये सब कर रहे थे।
बेडरूम का गेट खुला ही था। वो दोनों मीनू और सुमन हमें देख रही थी। अब वो दोनों भी रूम में आ गई। दोनों हमे देख कर मुस्कुराई, और अपने-अपने बूब्स को दबाने लगी। सुमन तो काफी जोर-जोर से दबा रही थी। वो सेक्स की हुए एक शादी-शुदा औरत थी, तो उसे सेक्स का अनुभव था। लेकिन मीनू हमें बड़े गौर से देखती और जैसे हम करते कर रही थी।
वो एक कुंवारी लड़की थी। उसने जींस और टॉप डाल रखा था। सुमन ने साड़ी पहन रखी थी। तभी सुमन ने मीनू को पकड़ा, और उसके बूब्स दबाने लगी, और उसे किस्स करने लगी।
तो निधि उन्हें बोली: एक इतना हैंडसम आदमी तुम्हारे सामने है, और तुम खुद ही आपस में लगी हो पागल। आओ हमें ज्वाइन करो।
अब वो तीनो मेरे चिपट गई। इसके आगे इस सेक्स कहानी में क्या हुआ, वो आपको अगले पार्ट में पता चलेगा।
अगला भाग पढ़े:- स्कूल मैडम की जवानी-7