मेरी मौसी और मेरी मौसेरी बहन काजल – (अंतिम भाग)

मौसी एक बार फिर हंसी और उठ कर मेरे खड़े लंड पर बैठ गयी और बिना देरी किये चुदाई शुरू कर दी।

जैसे लम्बी लम्बी उठक बैठक मौसी मेरे लंड पर कर रही थी, और जितना मजा मुझे आ रहा था, एक पल को मेरे मन में ख्याल आया ,”अब इसमें उस बेचारे राहुल का क्या कसूर, मौसी चुदती ही इतना बढ़िया है “।

दस मिनट की चुदाई के बाद मैं और मौसी वो इक्क्ठे झड़ गए।

मौसी कुछ देर यूं ही लंड पर बैठी रही। फिर उतरी और मेरे लंड पर लगा सारा चिकना पानी चाट गयी।

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