मेरे चारों बच्चे मेरी जान-1

सभी पाठकों को मेरा नमस्कार।

किसी के पूछने या सोचने से पहले ही बता दूँ की यह एक सच्ची कहानी है और लोग चाहे कितने भी हैरान क्यों ना हो, बंद कमरे में क्या होता है, किसके साथ होता है, ये दुनिया कभी नहीं जान पाएगी। और ये पूरी दुनिया ही एक्टिंग कर रही है।

खैर, मेरा नाम आभा प्रसाद है। नाम थोड़े बहुत बदले हुए हैं लेकिन फिर भी असल नाम के आस पास ही हैं ताकि हमारी इज़्ज़त भी बनी रहे और सबका मज़ा भी।
वैसे तो मैं बिहार के एक छोटे से गांव से हूँ लेकिन पिछले कुछ दशकों से दिल्ली में रह रही हूँ।

मेरे 3 बेटे और 1 बेटी है। अभिषेक, अखिल, आरती, अभिनव (बड़े से छोटे के क्रम में)। मेरे बच्चों के नाम भी हमने “अ” से ही रखें हैं क्यूंकि मेरे पति का नाम भी “अ” से ही था, अलोक प्रसाद।

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