खेल-खेल में बेटी को चोदा-7

पिछला भाग पढ़े:- खेल-खेल में बेटी को चोदा-6

सुबह मैंने अशोक के सामने अपनी पत्नी को चोदा। मेरी बेटी और किरण ने भी हमारी चुदाई देखी। जैसे ही अशोक ने कहा कि उसने रात में नम्रता को दो बार चोदा मेरी बेटी वहां से हट गई। लेकिन किरण मेरे बग़ल में बैठ गई। एक घंटा चोदने के बाद मैं अणिमा के मुंह में चोदते हुए गंदी-गंदी बातें करने लगा। अणिमा समझ गई कि मैं उसे अशोक के सामने शर्मिंदा करने की कोशिश कर रहा था। तो उसने मुंह से मेरा लंड निकाला। यह बोल कर कि

“मैं दिखाती हूं कि मैं कितनी बेशर्म हूं।”

वो अशोक के लंड को चूसने लगी। मैंने उसे 5-7 मिनट लंड चूसने दिया। उसके बाद मैं खड़ा हुआ और उसे फिर कुतिया के पोज में किया। लंड को अणिमा की गांड के छेद से सटाया और ज़ोर से धक्का मारा। हर सप्ताह एक बार उसकी गांड मारता ही था। पहले ही धक्का में डेढ़ इंच लंड अंदर घुस गया। अगले चार पॉंच घक्कों में पूरा लंड अंदर चला गया।